नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC-ST) को सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण (reservation in promotion) प्रदान करने को लेकर दायर याचिकाओं पर मंगलवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। इससे पहले जस्टिस नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने सभी संबद्ध पक्षों की दलीलें सुनीं।

सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल, अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल बलबीर सिंह व अन्य वरिष्ठ वकीलों ने विभिन्न राज्यों की ओर से पक्ष रखा।

केंद्र सरकार ने पीठ के समक्ष पहले ही कह दिया था कि यह सच है कि आजादी के करीब 75 वर्ष बाद भी अजा-जजा के लोगों को उस स्तर पर नहीं लाया जा सका है, जहां अगड़ी जातियों के लोग हैं। मामले की सुनवाई कर रही पीठ में जस्टिस संजीव खन्ना व जस्टिस बीआर गवई भी शामिल हैं।