नई दिल्ली । अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम द्वीप पर अचानक हमला किया, जबकि दोनों देशों के बीच तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ था। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से इस कार्रवाई की पुष्टि की, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का माहौल बन गया।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सरकारी मीडिया IRNA ने पहले केशम द्वीप और पास के बंदरगाह लेंगेह में कई धमाकों की सूचना दी थी, लेकिन अमेरिकी हमले के बाद नुकसान और हताहतों की आधिकारिक जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं हुई है। इस घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा को और अधिक अस्थिर कर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस हमले के बाद दोबारा बड़े सैन्य कार्रवाई की संभावना को खारिज कर दिया और शांति समझौते की आशा जताई। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य सीमित स्तर पर गुप्त ऑपरेशनों को जारी रखेगा, लेकिन व्यापक आक्रमण नहीं करेगा।
दूसरी ओर, तेहरान ने कहा है कि वह बातचीत और सैन्य दोनों विकल्पों के लिए तैयार है, और किसी भी नए हमले का जवाब अधिक कड़ा होगा। ईरानी अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस संघर्ष को रोकने के लिए दबाव बनाने की अपील की है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के सीमित लेकिन तेज़ हमले भविष्य में दोनों देशों के बीच और अधिक तनाव उत्पन्न कर सकते हैं, जिससे मध्य पूर्व में सुरक्षा माहौल और बिगड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को अब तेज़ी से कार्य करना होगा, ताकि इस संघर्ष को बड़े युद्ध में बदलने से रोका जा सके।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष बैठक का आह्वान किया, जिसमें सभी प्रमुख देशों को इस मुद्दे पर चर्चा कर शांति स्थापित करने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया गया। यदि वार्ता विफल रहती है, तो क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर खतरा झेलना पड़ेगा।
