मुंबई। समीर वानखेड़े की पहली पत्नी के पिता ने दावा किया कि वह हमेशा से वानखेड़े परिवार को इस्लाम के अनुयायी के रूप में जानते थे और समीर के पिता का नाम दाऊद था।

समीर वानखेड़े के ससुर डॉ. जाहिद कुरैशी पहली बार पत्रकारों के सामने आए और कहा कि जब उनकी बेटी शबाना ने समीर वानखेड़े से शादी की, तो वानखेड़े इस्लाम के अनुयायी की तरह रहे और कभी-कभी मस्जिद भी जाते थे। उनके पिता का नाम मैं दाउद वानखेड़े के रूप में जानता था। वानखेड़े के जन्म प्रमाणपत्र को लेकर हुए विवाद के बाद उन्हें उनके हिंदू होने के बारे में पता चला। जब समीर ने दावा किया कि वह जन्म से ही हिंदू हैं, तो कई लोगों ने मुझसे पूछा कि मैंने अपनी बेटी को एक हिंदू से शादी की अनुमति कैसे दी। इसलिए मैं यह स्पष्ट कर रहा हूं कि जब मेरी बेटी शबाना और समीर वानखेड़े की शादी हुई थी, तब दूल्हा इस्लाम का अनुयायी था।

वानखेड़े की मां जाहिदा से हमारे सौहार्दपूर्ण संबंध थे इसलिए हम अपनी बेटी डॉ. शबाना की शादी समीर से करने के लिए राजी हुए। साल 2006 में शबाना और समीर की शादी घरवालों की मर्जी से हुई थी। हालांकि, तलाक के बाद हमने कभी इस पर चर्चा नहीं की और इसे अपने मन में क्योंकि यह हमारे लिए एक दर्दनाक बात थी।