नई दिल्ली l राजस्थान के झालावाड़ जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। जिले के मनोहरथाना ब्लॉक के पीपलोदी गांव में स्थित एक राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की छत अचानक गिर गई। इस दर्दनाक घटना में अब तक चार बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 17 छात्र घायल हो गए हैं। घायल बच्चों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह स्कूल की पहली पाली के दौरान हुआ। जैसे ही बच्चे अपनी कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे, अचानक पूरी छत भरभराकर गिर गई। मलबे के नीचे कई बच्चे दब गए। आसपास मौजूद शिक्षक और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत कार्य में जुट गए। पुलिस और प्रशासन की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जेसीबी और एंबुलेंस की मदद से बचाव अभियान चलाया।
झालावाड़ के एसपी अमित कुमार ने बताया कि “प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पीपलोदी के सरकारी स्कूल की छत गिरने से 4 बच्चों की मौत हुई है और 17 बच्चे घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य तेज़ी से जारी है।”
घटना के बाद सभी घायलों को मनोहरथाना और झालावाड़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें कोटा के एमबीएस अस्पताल में रेफर किया गया है। प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा: “राजस्थान के झालावाड़ के एक स्कूल में हुई दुर्घटना अत्यंत दुखद है। इस कठिन घड़ी में मेरी संवेदनाएँ प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ। अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।”
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी इस हादसे को “हृदय विदारक” बताया। उन्होंने लिखा:“झालावाड़ के पीपलोदी में स्कूल की छत गिरने की दुखद घटना अत्यंत पीड़ादायक है। घायल बच्चों के समुचित उपचार के निर्देश दे दिए गए हैं। ईश्वर से सभी के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है।”
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी हादसे पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा: “झालावाड़ के मनोहरथाना में सरकारी स्कूल की इमारत गिरने की खबर अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएँ सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं और ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
छत गिरने की वजह क्या?
प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि स्कूल की बिल्डिंग जर्जर थी और समय पर मेंटेनेंस न होने की वजह से यह हादसा हुआ। लोक निर्माण विभाग (PWD) और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम घटना की तकनीकी जांच करेगी।
बुनियादी ढांचे पर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों और बुनियादी ढांचे की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाके के ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार स्कूल की स्थिति को लेकर अधिकारियों को सूचित किया था, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं कराई गई।
