नई दिल्ली। अंगोला ने 26/11/2013 को अपनी संस्कृति बचाने के लिए कड़ा रुख अपनाया था। जिससे इस्लाम धर्म और मुसलमानों पर पाबंदी लगाने वाला अंगोला दुनिया का पहला देश बन गया। इस आशय की खबरें अफ्रीकी अखबारों में प्रमुखता से छपी थी।
जिनके मुताबिक तब अफ्रीका महाद्वीप के इस तटीय देश अंगोला की कल्चर मिनिस्टर रोसा क्रूज ने कहा कि न्याय और मानवाधिकार मंत्रालय ने इस्लाम को हमारे देश में कानूनी वैधता नहीं दी है। ऐसे में अगले नोटिस तक सभी मस्जिदें बंद रहेंगी। इसके अलावा इस तरह की खबरें भी थीं कि सरकार ने मस्जिदों को गिराए जाने का भी आदेश दे दिया है।
मंत्री रोसा के मुताबिक ये फैसला देश में पनप रहे कई अवैध धार्मिक मतों को रोकने की कड़ी में लिया गया। मंत्री ने यह बयान देश की संसद में दिया और कहा कि अंगोला की संस्कृति के खिलाफ जो भी मत हैं, उन्हें रोकने के लिए यह जरूरी था। इस्लाम के अलावा और भी कई मतों, संप्रदायों पर कानूनी रूप से बंदी की तलवार लटक रही।
इस बारे में मंत्री ने कहा कि हमने जिन संप्रदायों की लिस्ट निकाली कि, वे अगले आदेश तक पूजा नहीं कर सकते। उन्हें अपने धार्मिक स्थल और उससे जुड़ी सभी रस्मों को बंद करना होगा। इस फैसले के बारे में अंगोला के प्रेसिडेंट जोस अडुराडो सांतोस ने कहा था कि आखिरकार हमारे देश में इस्लामिक प्रभाव के अंत की आखिरी शुरुआत हो चुकी है।
