सहारनपुर। नागल क्षेत्र में आधी रात को एक दर्दनाक हादसे ने तीन मजदूरों की जान ले ली, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा सीडकी-झबरेड़ा मार्ग पर गांव बोहडुपुर के पास काली नदी पर निर्माणाधीन पुल के निकट हुआ, जहां बजरी से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर मजदूरों के टेंट पर पलट गया।

मिली जानकारी के अनुसार, काली नदी पर पिछले करीब डेढ़ महीने से पुल निर्माण का कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य में लगे मजदूर पुल के पास ही टेंट लगाकर रह रहे थे। बुधवार देर रात एक बजरी से लदा ट्रक वहां से गुजर रहा था। बताया जा रहा है कि चालक को पास में बनाए गए वैकल्पिक मार्ग से होकर गुजरना था, लेकिन वह गलती से निर्माणाधीन पुल पर ही चढ़ गया। इसी दौरान ट्रक असंतुलित होकर पलट गया और पास में सो रहे मजदूरों के टेंट पर जा गिरा।

हादसे के समय टेंट में सो रहे पांच मजदूर अचानक बजरी के नीचे दब गए। तेज आवाज और मजदूरों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी और खुद भी राहत कार्य शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर बजरी हटाई और पांचों मजदूरों को गंभीर हालत में बाहर निकाला।

सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीन मजदूरों—असगर, इस्तखार और शौकीन, निवासी गांव जाटोवाला थाना मिर्जापुर—को मृत घोषित कर दिया। वहीं दो अन्य घायल मजदूरों, गुलफाम निवासी जाटोवाला और कर्मवीर निवासी असगरपुर, का अस्पताल में गंभीर हालत में इलाज चल रहा है।

हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि दो दिन पहले छुट्टी पर गए करीब 15 मजदूर भी टेंट में मौजूद होते, तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था और मृतकों की संख्या बढ़ सकती थी।

इस मामले में सीओ देवबंद अभितेष सिंह ने बताया कि ट्रक खेड़ा मुगल क्षेत्र की ओर बजरी लेकर जा रहा था। चालक की पहचान करने और उसे जल्द गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। वहीं प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

यह हादसा निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और वैकल्पिक मार्गों के सही उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।