बागपत। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा यूपी के बागपत में पहुंच गई है। बुधवार को मवीकलां से इसकी शुरूआत हुई। यात्रा में राहुल गांधी के साथ ही पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, जयराम ठाकुर, सलमान खुर्शीद और कन्हैया कुमार समेत कई बड़े नेता शामिल हैं। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार यात्रा के शुरू होते ही रालोद व भाकियू नेताओं ने इसका जोरदार स्वागत किया।

गौरतलब है कि भारत जोड़ो यात्रा मंगलवार शाम को बागपत के मवीकलां पहुंच गई थी। जिसमें राहुल गांधी व प्रियंका गांधी नहीं आए थे जो सुरक्षा कारणों से लोनी से वापस दिल्ली चले गए थे। राहुल गांधी बुधवार सुबह ही मवीकलां पहुंच गए। वहीं अन्य सभी वरिष्ठ नेता, प्रदेश स्तरीय व स्थानीय नेताओं के साथ कार्यकर्ता पहले से यात्रा के लिए तैयार थे।
नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सुबह पांच बजे उठकर ही यात्रा के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। यहां राहुल गांधी के पहुंचते ही यात्रा शुरू करा दी गई। राहुल गांधी कड़ाके की ठंड में टी.शर्ट पहनकर ही यात्रा में सबसे आगे चलते रहे, जबकि उनके चारों तरफ कड़ी सुरक्षा का घेरा रहा। राहुल गांधी के साथ वही नेता चले, जिनके नाम पहले से तय किए गए थे।

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का रालोद व भाकियू नेताओं ने स्वागत किया। गुफा वाले मंदिर के पास लंच का कार्यक्रम तय है तो बड़ौत में सभा को संबोधित करने के बाद राहुल गांधी आगे शामली के लिए निकल जाएंगे।
यहां कड़ाके की सर्दी पड़ रही है और न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है। इसके बाद भी कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं का जज्बा कम नहीं दिख रहा है। राहुल गांधी यात्रा में इतनी सर्दी के बाद भी टी.शर्ट पहनकर तेज चाल से चल रहे है तो अन्य नेता व कार्यकर्ता भी उनके साथ व पीछे तेजी से आगे बढ़ रहे है। राहुल गांधी पहली बार बागपत आए है। इसलिए ही दोनों को देखने के लिए भी भीड़ उमड़ रही है।
युवाओं में भी इनको लेकर काफी क्रेज दिख रहा है और उनकी हर कोई एक झलक चाहता है। युवाओं का कहना है कि राहुल बागपत आए है और यही उनको देखने का मौका है। अगर वह इस मौके को चूक गए तो पता नहीं दोबारा इस तरह का मौका मिलेगा या नहीं।
दिल्ली.सहारनपुर नेशनल हाईवे पर वाहन बंद होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। क्योंकि सार्वजनिक वाहनों में सफर के लिए यही एक नेशनल हाईवे है और इसके बंद होने से अधिकतर सार्वजनिक वाहनों के पहिए भी थम गए है। इसलिए सार्वजनिक वाहनों से ड्यूटी व अन्य जरूरी कार्य से जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं निजी वाहनों के लिए भी रूट डायवर्ट किया गया थाए जिससे उनको काफी ज्यादा दूरी तय करनी पड़ी।
