शामली। मुख्यमंत्री के दौरे के तुरंत बाद ही कैराना के कुख्यात फुरकान ने जमानत तुड़वाकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। फुरकान 2014 में व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष विनोद सिंघल की हत्या के बाद चर्चा में आया था। फुरकान को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
16 अगस्त 2014 को दिनदहाड़े बेगमपुरा बाजार में दुकान पर बैठे व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष विनोद सिंघल की हत्या कर दी गई थी। इसके 8 दिन बाद मुकीम गिरोह ने आयरन स्टोर के मालिक ममेरे भाइयों राजू और शंकर की रंगदारी न देने पर हत्या कर दी थी। विनोद सिंघल की हत्या में वांछित फुरकान निवासी कैराना को पुलिस ने 2017 में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।
वर्तमान में फुरकान जमानत पर जेल से बाहर आया हुआ था। फुरकान के ऊपर गैंगस्टर के मुकदमे भी दर्ज थे। इन मुकदमों में भी उसे जमानत मिली हुई थी। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए अपराधियों को कड़ी चेतावनी दी थी। इसके बाद मंगलवार को कुख्यात फुरकान गैंगस्टर के मुकदमे में अपनी जमानत तुड़वा कर कोर्ट में पेश हो गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। कोतवाल प्रेमवीर राणा ने फुरकान के जमानत तुड़वाकर सरेंडर करने की पुष्टि की है।
भाजपा की सरकार बनने के बाद वर्ष शामली जिले में सबसे पहले एनकाउंटर में गुंबद मोहल्ला निवासी कुख्यात फुरकान घायल हुआ था। तत्कालीन एसएसपी अजयपाल शर्मा के नेतृत्व में पुलिस के साथ उसकी मुठभेड़ हुई थी। जिसमें फुरकान को पांच गोली लगी थी। दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे।
