गोंडा। गो आश्रय स्थलों पर भारी अनियमितताएं मिलने पर डीएम मार्कंडेय शाही ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसके लिए 15 ग्राम प्रधानों को नोटिस भेजा है। सभी से 15 दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। इसके अलावा उन्हें कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

डीएम को गो आश्रय स्थलों के निरीक्षण के दौरान काफी अनियमिततएं मिलीं। जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने बेलसर, तरबगंज और वजीरगंज के ग्राम प्रधानों को नोटिस दिया है। इसमें बेलसर ब्लाक की ग्राम पंचायत आदमपुर की प्रधान वंदना, बदलेपुर के शिवकुमार, जफरापुर के गनी मोहम्मद, ताराडीह के भागीरथ, डिक्सिर के विनय सिंह, गंगरौली के चंद्र गोपाल सिंह, सेमरी कलां की साधना सिंह शामिल हैं।
इसी तरह वजीरगंज के अनभुला की मालती देवी, मझारा की ननकुना, गेडसर के खुशीराम, हजरतपुर की सुमताजी, तरबगंज चंदीपुर की सुन्दरपति, बनगांव के मंजीत सिंह, विशुनपुर के मदन मोहन दूबे तथा परास पट्टी मझवार के ग्राम प्रधान नेबकू शामिल हैं।

डीएम ने बताया कि उत्तर प्रदेश के समस्त ग्रामीण व शहरी स्थानीय निकायों जैसे ग्राम पंचायत क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना व संचालन नीति प्रख्यापित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना, क्रियान्वयन, संचालन व प्रबंधन के अनुश्रवणार्थ प्रशासकीय व्यवस्था के लिए विकास खंड स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति का गठन किया गया हैए जिसमें ग्राम प्रधान सदस्य नामित हैं।

उन्होंने कहा कि देखने में आ रहा है कि ग्राम पंचायत क्षेत्र के आसपास निराश्रित गोवंश इधर.उधर सड़कों, मार्गों, सार्वजनिक स्थानों और खेतों में विचरण करते हुए पाये जाते हैं। गोआश्रय स्थल में गोवंशों के रहने का प्रबंधन ठीक नहीं है तथा ग्राम पंचायतों में गौ.आश्रय स्थल शत.प्रतिशत पूर्ण नहीं है। गोआश्रय स्थल में निराश्रित गोवंश की संख्या उसकी क्षमता से काफी कम है। उन्होंने बताया कि तरबगंज में एक भी गोआश्रय केन्द्र संचालित नहीं है। उन्होंने स्पष्टीकरण साक्ष्य सहित 15 दिवस के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत कोई लिखित सुस्पष्ट प्रत्युत्तर एवं स्पष्टीकरण सुसंगत साक्ष्यों के साथ नहीं प्राप्त होता हैए तो पंचायती राज अधिनियमए 1947 में निहित प्राविधानों के अंतर्गत विधि अनुरूप कार्यवाही करते हुए प्रधान पद से पदच्युत कर दिया जाएगा।