सहारनपुर। सरसावा थाना क्षेत्र अंतर्गत गोविंदपुर गांव के जंगल में स्थित पटाखा फैक्ट्री में जबरदस्त विस्फोट हो गया। जिससे फैक्ट्री के जमींदोज हो गए। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि मलबा एक किलोमीटर दूर लोगों की छतों पर गिरा। विस्फोट से लोग सहम उठे। विस्फोट में फैक्ट्री मालिक सहित पांच लोगों की मौत हो गई।
यह हादसा शनिवार शाम करीब पौने छह बजे हुआ। इस हादसे में मरने वाले फैक्टरी मालिक राहुल कुमार उर्फ जोनी 32 गांव सलेमपुर, सागर और कार्तिक सैनी 22 गांव बलवंतपुर के रहने वाले थे। घायल वंश गांव सलेमपुर का रहने वाला है।
फैक्ट्री का मलबा हटाते हुए दो युवकों के क्षत.विक्षत शव मिले हैं। जो सलेमपुर गांव के वर्धन पाल पुत्र अर्जुन सिंह और सुमित पुत्र सोहनवीर के बताए गए हैं। यह दोनों हादसे के बाद से लापता थे।
राहुल ने गोविंदपुर के जंगल में पटाखे बनाने की लाइसेंसी फैक्टरी लगा रखी थी और इसमें आतिशबाजी में इस्तेमाल होने वाले अनार बनाए जाते हैं। शनिवार शाम हादसे के वक्त राहुल कुमार कुछ श्रमिकों के साथ फैक्टरी में मौजूद था। शहर और सरसावा एयरफोर्स स्टेशन से पहुंचीं दमकल ने फैक्टरी में लगी आग पर काबू पाया।
सूचना पर डीआईजी प्रीतिंदर सिंह, डीएम अखिलेश सिंह, एसएसपी आकाश तोमर भी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी ने बताया कि हादसे में फैक्टरी मालिक समेत तीन लोगों की मौत हुई है और एक श्रमिक घायल हुआ है। हादसे की जांच कराई जा रही है। धमाके की तेज आवाज कई किलोमीटर तक सुनी गई। धमाके के बाद ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां तीन लोगों के क्षत विक्षत शव पड़े थे। पूरी फैक्टरी मलबे में तब्दील हो गई। जेसीबी से मलबा हटाकर देखा गया कि कोई और तो उसमें नहीं दबा है।
ग्रामीणों ने भी दोनों के शव मलबे में दबे होने की आशंका जताई थी। रेस्क्यू अभियान में रविवार सुबह दोनों के क्षत.विक्षत शव मिले। शनिवार शाम हुए पटाखा फैक्ट्री में धमाके से फैक्ट्री जमींदोज हो गई थी। फैक्ट्री मालिक राहुल सलेमपुर और सागर व कार्तिक निवासी गण बलवंतपुर के शव घटनास्थल पर ही मिले थे। उधर हादसे में घायल वंश को गंभीर अवस्था में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है।
