नई दिल्ली। पांच राज्यों के चुनावों में डिजिटल प्रचार पर खर्च किए गए धन की जानकारी प्रस्तुत करने के लिए उम्मीदवारों के चुनावी खर्च वाले खंड में एक नया कॉलम जोड़ा गया है।
उम्मीदवार पिछले चुनावों में भी डिजिटल प्रचार पर खर्च किए गए धन का उल्लेख करते थे। लेकिन ये पहली बार है जब इस तरह के खर्च को दर्ज करने के लिए चुनाव आयोग ने कॉलम अलग से बनाया गया है।कोरोना को रोकने के लिए आयोग ने 22 जनवरी तक रैलियों, रोड शो और इसी तरह के अन्य प्रचार कार्यक्रमों के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
चुनावी सभाओं पर प्रतिबंध के साथ पार्टियां मतदाताओं तक पहुंचने के लिए डिजिटल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रही हैं। हालांकि, इस बार चुनावी खर्च की सीमा बढ़ाई गई है। पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले प्रत्याशियों के खर्च की सीमा 28 लाख से बढ़ाकर 40 लाख कर दी गई है। लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी 70 लाख के बजाय अब 95 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे।
