दो साल कोरोना की बंदिशों के बाद इस साल एक बार फिर होली अपने उसी उल्लास, खुशी और परंपरागत तरीके से मनाई जा रही है। होली फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। फाल्गुन का महीना वैसे भी मस्ती भरा होता है। होलिका दहन के बाद रंगों से होली खेली जाती है। आज यानि 17 मार्च को होलिका दहन होगा। आज हम आपको होलिका दहन से जुड़ी कहानी इसका शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा के दिन स्नान.दान कर उपवास रखने, होलिका की अग्नि की पूजा से मनुष्य के सभी कष्टों का नाश होता है।
कैसे करें पूजा
होलिका दहन में होलिका और भक्त प्रह्लाद की पूजा की जाती है। सबसे पहले गणेश जी का स्मरण कर, जहां पूजा करनी है उस स्थान पर गंगाजल छिड़क कर पवित्र कर लें। संभव हो तो होलिका दहन वाली सामग्री को अग्नि तत्व की दिशा दक्षिण.पूर्व में रखें। पूजा करते समय पूजा करने वाले व्यक्ति को होलिका के पास पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए। पूजन के लिए तांबे के एक लोटे में जल, माला, रोली, चावल, गंध, फूल, कच्चा सूत, बताशे-गुड़, साबुत हल्दी, गुलाल, नारियल आदि का प्रयोग करना चाहिए। इसके बाद होलिका में गोबर से बने खिलौने व माला भी रखें, साथ में नई फसल के हरे चने की बालियां व गेहूं की बालियां आदि भी सामग्री के रूप में रख लें। अब कच्चे सूत को होलिका के चारों ओर तीन या सात बार लपेटना चाहिए।
पूजा का मंत्र
असृक्पाभयसंत्रस्तै कृता त्वं होलि बालिषै। अतस्तवां पूजायिष्यामि भूते भूतिप्रदा भव। का उच्चारण करते हुए होलिका की सात परिक्रमा करें। इसी मंत्र के साथ होलिका कोअर्ध्य भी दें। चौराहे पर होलिका दहन होने के बाद वहां से लाई हुई अग्नि से होलिका दहन करें। फिर लोटे का शुद्ध जल और पूजन की अन्य सभी वस्तुओं को श्रद्धाभाव से एक.एक करके होलिका में समर्पित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार के सदस्यों को रोगों से मुक्ति मिलती है। घर की सुख.समृद्धि के लिए होली की पवित्र भस्म को घर में रखें।
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
इस बार होलिका दहन बृहस्पतिवार 17 मार्च को है। इस दिन दोपहर डेढ़ बजे से पूर्णिमा लग जाएगी। पूर्णिमा की पूजा भी इसी दिन की जाएगी। होलिका दहन का मुहूर्त देर शाम 9 बजकर 20 मिनट से रात्रि 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। यानी होलिका दहन के लिए कुल मिलाकर एक घंटा 10 मिनट का समय मिलेगा। रंगभरी होली शुक्रवार 18 मार्च को खेली जाएगी।
