बिजनौर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के आदेश का अनुपालन नहीं करने पर आयोग ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश लखनऊ को तीन माह के साधारण कारावास व 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखनऊ को इस वारंट का अनुपालन करने का भी आदेश दिया गया है।

आयोग की अध्यक्ष दीपा जैन तथा सदस्य मनोज कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिला आयोग ने महा‌निदेशक निदेशालय चिकित्सा, स्वास्थ एवं प्रशिक्षण ‌के विरूद्ध परिवादनी शिखा आर्य का परिवाद आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए उन्हें आदेशित किया था कि वह जमा दिनांक 19 जुलाई 2017 से पूर्ण एवं वा‌स्तविक अदायगी दिनांक तक छह प्रतिशत ब्याज सहित सिक्योरटी मनी दो लाख रुपये आयोग के आदेश के दिनांक से 30 दिन के अंदर शिखा आर्य को अदा करें। तथा मान‌सिक क्षतिपूर्ति के रूप में 10 हजार रुपये व वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये शिखा आर्य को अदा करें।

इस आदेश का अनुपालन न होने पर शिखा आर्य ने आयोग के समक्ष 21 अक्टूबर 2020 को निष्पादन वाद प्रस्तुत किया। इस मामले में आदेश का अनुपालन न होने पर धारा 72 को नोटिस भी आयोग द्वारा भेजा गया। इसके बावजूद भी ना ही कोई धनराशि अदा की गई और ना ही कोई अपीलीय आयोग का स्ट्रे दाखिल किया गया। आयोग ने पाया कि जानबूझकर उसके आदेश का अनुपालन करने में चूक की गई है। इसलिए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण लखनऊ को दंडित किया जाता है।