मुजफ्फरनगर। शहर के मोहल्ला प्रेमपुरी, बंजारान व रामलीला टिल्ला में मंगलवार देर रात कुट्टू का आटा खाने से तीन परिवार के 18 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। पीड़ितों को जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उपचार के बाद कई लोगों को छुट्टी मिल गई। उधर, खाद्य सुरक्षा विभाग अधिकारियों ने कुट्टू के तीन सप्लायरों के यहां छापा मारा। वहां मिले कुट्टू से दो सैंपल लिये और बाकी कुट्टू को नष्ट कराया गया हैं।

महा शिवरात्रि के पर्व पर श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखा था। रात में लगभग साढ़े नौ बजे प्रेमपुरी निवासी सुरेंद्र वर्मा, रामलीला टिल्ला निवासी नंद किशोर व बंजारान निवासी ब्रजपाल के परिवार के सदस्यों ने अपने अपने मोहल्ले की परचून की दुकान से कुट्टू का आटा खरीदा और उसे खाकर व्रत खोला। व्रत खोलने के कुछ देर बाद ही सभी की हालत बिगड़ गई। सभी को सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। सभी की हालत में सुधार हैं। अधिकांश पीड़ितों को छुट्टी दे दी गयी है।

बाइक-रिक्शा में लेकर दौड़े पड़ोसी
जिस समय सुरेंद्र के परिवार के सदस्यों की हालत बिगड़ने लगी तो उनमें चीख पुकार व शोर मचना शुरू हो गया। यह शोर सुनकर पड़ोसी राधेश्याम, गयादीन, आशीष गर्ग, अमित मित्तल, संदेश, अमित, छोटा, छोटू, मोहित सुरेंद्र वर्मा के घर यह देखने के लिए पहुंचे, कि आखिर क्या माजरा हैं, जो सभी लोगों इधर उधर परेशान हैं। घर में उनकी हालत देखकर वह भी परेशान हो चले, क्योंकि सभी लोगों को चक्कर आ रहे थे। कुछ को उल्टी लगी थी। पड़ोसी सभी लोग तुरंत ही अपनी बाइक व किराये पर ई-रिक्शा ले आये और आनन फानन में सभी लोगों को रात में लगभग साढ़े बारह बजे सरकारी अस्पताल ले जाया गया।

रात को बिगाड़ी परिवार की हालत
वह हलवाई का काम करते है और काम पर ही गये थे। महा शिवरात्रि पर उनकी पत्नी पुष्पा व बेटे मोहित तथा संजू ने कुट्टू का आटा व्रत खोलने के लिये खाया था। देर रात में वह घर लौटे तो परिवार के सभी सदस्य जाग गये। इसके बाद अचानक पत्नी व बेटों की हालत बिगड़नी शुरू हो गयी। सभी को उल्टी होने लगी। वह पहले पत्नी व बाद में किसी तरह बेटों को लेकर अलसुबह सरकारी अस्पताल पहुंचे थे।

इंद्रा देवी ने कहा कि परिवार में अधिकांश लोगों ने महा शिवरात्रि का व्रत रखा था। पास में ही दुकान करने वाले सुखराम की दुकान से डेढ़ किलो कुट्टू का आटा खरीदा। आलू की सब्जी, आलू का हलवा व कुट्टू के पराठे बनाये थे। सभी ने खाया, लेकिन जैसे ही आधी रात हुई तो सभी को चक्कर आने शुरू हो गये। सभी की हालत बिगड़ने लगी। उन्हें पड़ोसियों ने उपचार के लिए पहुंचाया है। यदि पड़ोसी ऐसा न करते तो उनके परिवार के साथ अनहोनी हो सकती थी।

हरकत में आया खाद्य विभाग


मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर वह अपनी टीम के साथ अस्पताल पहुुंचे थे। वहां सभी पीड़ितों से जानकारी ली। इस मामले में दाल मंडी के सप्लायर नानूमल व जगमेश्चर दयाल तथा राजू टेडर्स के यहां छापा मारा। वहां से दो नमूने लिए गये। बाकी बरामद लगभग सात किलो आटा नष्ट कराया गया हैं। नमूने जांच के लिए भिजवाए जाएंगे।