सहारनपुर/मिर्जापुर – सहारनपुर जिले के मिर्जापुर क्षेत्र में स्थित शिवालिक पहाड़ियों में लगातार हो रही तेज मूसलाधार बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ पशुधन को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। बारिश के कारण हथनीकुंड बैराज में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आसपास के ग्रामीण इलाकों में खतरे की स्थिति बन गई है।
गाँव जानीपुर के जंगल में चारा चरने गई सात भैंसें यमुना नदी के अचानक तेज हुए बहाव की चपेट में आ गईं। पानी की धार इतनी तेज थी कि भैंसें खुद को संभाल नहीं सकीं और बहकर सीधे हथनीकुंड बैराज के गेटों तक पहुंच गईं। इस दर्दनाक हादसे में पांच भैंसों की मौके पर ही डूबकर मौत हो गई, जबकि दो भैंसें किसी तरह जीवित बच गईं।
स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन की मदद से जेसीबी मशीनों के जरिए बची हुई भैंसों को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और घटना के बाद क्षेत्र में पशुपालकों में रोष और चिंता का माहौल है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा लगातार हो रही बारिश और जलस्तर में बढ़ोतरी को लेकर कोई चेतावनी नहीं दी गई थी, जिससे समय रहते पशुओं को सुरक्षित नहीं किया जा सका।
इस दर्दनाक हादसे ने पशुपालकों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। भैंसों की मौत से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ रहा है। अब प्रशासन से मुआवजे की मांग की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि मौसम विभाग द्वारा अलर्ट जारी किया गया था और ग्रामीणों से अपील की गई थी कि वे नदी के आसपास अपने पशुओं को न ले जाएं। फिर भी कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे ऐसे हादसे हो रहे हैं।
स्थिति पर नजर रखी जा रही है और हथनीकुंड बैराज के गेटों पर जलस्तर की मॉनिटरिंग लगातार की जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें और भारी बारिश के दौरान नदी-नालों के करीब न जाएं।
