देहरादून। ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन आश्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के आगमन को लेकर वीआईपी ड्यूटी पर आए 19 पुलिस जवानों और विभागीय कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटव मिलने से पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन फानन में सभी पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों को अपने जिलों में वापस भेज दिया गया। सभी जवानों और कर्मचारियों को अगले 14 दिनों तक होम आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
शनिवार को वीआईपी ड्यूटी से पूर्व परमार्थ निकेतन आश्रम में चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, देहरादून, टिहरी और पौड़ी के 400 पुलिसकर्मियों और विभागीय कर्मचारियों की कोरोना जांच कराई गई थी। रविवार सुबह इनमें 19 पुलिस पुलिस जवान और कर्मचारी कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें से सात लोगों की आरटीपीसीआर और 12 की एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
पुलिस जवानों और कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई। गनीमत यह रही इनमें से कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी पर पहुंचा था। यमकेश्वर ब्लॉक के कोविड नोडल अधिकारी डा. राजीव कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमितों में चमोली, रुद्रप्रयाग, देहरादून और पौड़ी के 19 पुलिसकर्मी और विभागीय कर्मचारी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि रविवार सुबह पुलिस और संबंधित विभाग को पुलिस जवानों और विभागीय कर्मचारियों के संक्रमित होने की सूचना दे दी गई थी। विभाग ने संक्रमित जवानों और कर्मचारियों को ड्यूटी से वापस भेज दिया। उन्होंने बताया कि सभी जवान और कर्मचारी अगले 14 दिनों तक होम आइसोलेशन में रहेंगे।
कर्मचारियों के संपर्क में आए लोगों की होगी तलाश
कोरोना संक्रमित पुलिसकर्मी और कर्मचारी परमार्थ निकेतन में ठहरे थे। इस दौरान कई पुलिसकर्मी और कर्मचारी कई लोगों के संपर्क में आए थे। स्वास्थ्य विभाग संक्रमित जवानों और कर्मचारियों के संपर्क में आए पुलिसकर्मियों व कर्मचारियों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। संपर्क में आए सभी लोगों की कोरोना जांच कराई जाएगी। वहीं जांच रिपोर्ट आने तक संपर्क में आए लोग होम आइसोलेशन में रहेंगे।
कई कर्मचारी कर रहे थे ड्यूटी
कोरोना संक्रमित पुलिस जवानों के संपर्क में आए कई पुलिसकर्मी और कर्मचारी राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान मौजूद थे। ऐसे में अगर कोई पुलिसकर्मी या कर्मचारी संक्रमित पाया जाता है तो बड़े स्तर पर संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। कार्यक्रम में राज्यपाल, कैबिनेट मंत्री, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
